नागरिक अधिकार व सुरक्षा समिति ने पत्र परिषद में दी जानकारी..
प्रतिनिधि। 03 जुलाई
गोंदिया। मुंबई-हावड़ा रेल रूट एवं गोंदिया-चंद्रपुर रेल लाइन के बीच के घणी आबादी में निवास कर रहे भीमनगर, आम्बेडकर वार्ड, सिंगलटोली, कुंभारे नगर के हजारों नागरिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने का कार्य रेल प्रशासन द्वारा भूमिगत अंडर पास बनाकर किया जा रहा है। इस मामले पर जिलाधिकारी गोंदिया द्वारा बिना नागरिकों की बात सुने एकतरफा रेलवे को कार्य शुरू करने की सहमति दर्शाने पर जनता आक्रोशित हो गई है और वे अब तीव्र आंदोलन का रुख ले चुकी है।
आज 3 जुलाई को शासकीय रेस्ट हाउस में पत्र परिषद लेकर क्षेत्र की जनता, नागरिक अधिकार व सुरक्षा समिति के बैनर तले एकत्रित हुई। पत्र परिषद में समाजसेवी अमितकुमार भालेराव, कामरेड मिलिंद गणवीर, जितेंद्र सतिसेवक के साथ ही महिलाएं भी उपस्थित रही।
पत्र परिषद में जानकारी दी गई कि, भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरे देश में रेलवे क्रॉसिंग बंद कर, उनकी जगह ओवरब्रीज और भूमिगत अंडर पास बनाये जा रहे। परंतु गोंदिया शहर के सिंगलटोली-आंबेडकर वार्ड में मुंबई-हावड़ा रेल रूट पर बनाए गए अंडर पास की हाइट इतनी कम है कि वहां से आपातकाल के दौरान एम्बुलेंस, बिजली वाहन, जेसीबी मशीन, बोरवेल मशीन, स्कूल बस व बड़े वाहन के आवागमन में अवरोध निर्माण हो गया है। जिसके चलते नागरिकों को 5 किमी घूम कर इन वाहनों को भीमनगर रेलवे क्रॉसिंग से लाया जाता है।
अब रेलवे ने सिंगलटोली के बाद भीमनगर रेलवे क्रॉसिंग बंद करने नया भूमिगत अंडर पास बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। इस अंडर पास के निर्माण होने से क्षेत्र की 60 हजार जनता को उनके अधिकारों से, मूलभूत सुविधाओं से वंचित करने का अत्याचार रेलवे करने जा रही है। इसके विरोध में कुछ दिनों पूर्व ही सैकड़ो लोगो ने मौके पर पहुँचकर कार्य को रुकवाने का कार्य कर उसकी जगह ओवर ब्रिज की मांग की थी। इस मामले पर 2 हजार लोगों के हस्ताक्षर युक्त निवेदन जिलाधिकारी को 25 जून को देकर ब्रिज की मांग की थी।
इस अंडर पास के निर्माण को लेकर हाल ही में रेलवे के मुख्य कार्यकारी अभियंता मेहुल चौधरी, सेक्शन अभियंता मल्लिकाराव ने मौके पर पहुँचकर निरीक्षण किया था, जिसने इसके बाद कलेक्टर गोंदिया को जानकारी दी कि इस क्षेत्र में ओवर ब्रिज का निर्माण करना संभव नहीं है, एकमात्र रास्ता भूमिगत अंडर पास ही है।
रेलवे की रिपोर्ट कलेक्टर को पहुँचने के बाद क्षेत्र की जनता ने 2 जुलाई को कलेक्टर कार्यालय में पुनः पहुँचकर इसकी जानकारी कलेक्टर को देने का प्रयास किया, पर कलेक्टर ने बिना हमारा पक्ष सुने, अड़ियल रवैया अपनाकर रेलवे को कार्य शुरू करने की सहमति दर्शा दी।
अमितकुमार भालेराव ने कहा, जिलाधिकारी ने हमारा पक्ष नही सुना, जबकि उनका दायित्व था कि वो हमारी व्यथा सुने। उल्टे जिलाधिकारी ने हमें कार्य मे रुकावट डालने, आंदोलन करने पर कानूनी कार्रवाई का डर दिखा दिया। क्या हमपर हो रही ज्यादती, हक अधिकार के लिए आवाज उठाना गलत है?
उन्होंने कहा, जब जिलाधिकारी ही सुनने को तैयार नही तो हम क्या करे? जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी स्पष्ट दिखाई नही दे रही है। ऐसे में हम अपने अधिकार के लिए, अन्याय, अत्याचार के खिलाफ एकजुट होकर आगामी 8 जून को रेलवे द्वारा बनाये जा रहे अंडरपास कार्य की जगह (भीमनगर- चंद्रपुर लाइन) पर आंदोलन की शुरुआत करेंगे एव एक जनाक्रोश रैली निकालकर एसडीओ गोंदिया को रेलमंत्री भारत सरकार, मुख्यमंत्री महाराष्ट्र सरकार व आयुक्त के नाम निवेदन सौपेंगे।
